बाप के गुज़र जाने का गम बार बार गले लग कर शिवराज करते रहे आंखे नम!!

-अनम इब्राहिम-

जनसम्पर्क life

मध्यप्रदेश: हर आशियाने में वालिद का किरदार एक मज़बूत दरख़्त की तरह होता हैं तब भी जब बाप के बाजुओं में दम हो और तब भी जब बाप का जिस्म बुढापे की चपेट आकर कमज़ोर पड़ जाए। यारो जब पिता का साया सिर से उठ जाता है तो सच मानो बगैर सरपरस्ती के ज़िन्दगी बेज़ार बेअसर बेदुआ होकर घर आंगन का नूर समेट कर ले जाती है। उस वक़्त एक औलाद का दिल गम की गर्दिशों में कुछ इस तरह उदास होकर डूब जाता है जिसे किसी अपने कि दी हुई हल्की सी भी तसल्ली फफकने, रोने, सिसकने पर आमादा कर देती है। आज कुछ ऐसा ही हाल हमारे प्रदेश के पूर्व मुखिया शिवराज सिंह चौहान का देखने को मिला। शिवराज प्रदेश की अवाम के लिए एक अच्छे नेता ही नहीं बल्कि अपने पिता के भी लाड़ले थे। अफ़सोस कल शिवराज मामा के सिर से उनके पिता प्रेम सिंह चौहान का हाथ उठ गया। दरअसल लम्बे वक़्त से शिवराज के पिता प्रेम सिंह बीमारी से जूझ रहे थे जिनका उपचार मुम्बई के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था जहां शनिवार दोपहर को प्रेम सिंह ने आखिरी सांसे ली और दुनिया को अलविदा कर गए। पिता के देहांत की सूचना मिलते ही शिवराज मुम्बई के लिए रवाना हो गए थे जिसके बाद पिता प्रेम सिंह के शव को मध्यप्रदेश लेकर आया गया। लिहाज़ा हज़ारों देश प्रदेश की शख़्सियतें शिवराज के पिता के अंतिम दर्शन के लिए आते रहे लेकिन अपने पिता के गुज़रजाने का गम शिवराज के दिल में ऐसा घर कर गया कि वो अपने हर अज़ीज़ों के गले लग कर बार बार रोते चले जा रहे हैं। अल्लाह से दुआ है की शिवराज को सब्र अता करे हिम्मत दे। आज शाम 4 बजे उनके गृह ग्राम सीहोर जिले के जैत में अंतिम संस्कार किया जाएगा आप सभी प्रदेश वासियों से जनसम्पर्कlife अनुरोध करता है कि उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हो।

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