बड़वानी में 7 दिन से अनशन पर बैठी मेधा पाटकर ने ठुकराया सीएम कमलनाथ का आग्रह

मध्य प्रदेश: नर्मदा बचाओ आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाने वाली मेधा पाटकर 7 दिनों से अनशन पर बैठी हुई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हालांकि मेधा पाटकर को फोन कर उनको अनशन तोड़ने का आग्रह भी किया जिसे मेधा पाटकर ने ठुकरा दिया है। बता दे कि मेधा पाटकर बड़वानी जिले में 7 दिन से अनशन पर बैठी हुई है। मेधा पाटकर ने जनसम्पर्क-Life को बताया कि वो तीन बार भोपाल जा चुकी हैं। हर बार मुख्यमंत्री, नर्मदा मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल  और दिग्विजय सिंह से कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई, पर उसमें से एक भी मुद्दे पर आज तक कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि राजघाट, जांगरवा और छोटा बड़दा 3 गांव की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। जिन दस्तावेजों और जानकारियों की मांग की गई, वह भी अब तक नहीं दिए गए हैं। मेधा पाटकर की मानें तो नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण के निर्णयों के विपरीत नर्मदा का जल स्तर लगातार बढ़ाया गया। मेधा ने कहा कि मोदी जी इसी के साथ जन्मदिन मनाना चाहते हैं लेकिन किसी के मरण दिन पर जन्मदिन मनाना उन्हें शोभा नहीं देता। विकास के नाम पर सरकार का यह अमानवीय चेहरा सामने आया है और सरदार सरोवर डैम को पर्यटन के नाम पर कश्मीर की झील की तरह माना जा रहा है। ऐसे में सबका ध्यान बस इसी पर है कि कैसे यहां से कमाई हो सके। मालूम हो कि मेधा पाटकर बड़वानी जिले के छोटा बड़दा गांव में सरदार सरोवर बांध के प्रभावितों के विस्थापितों की मांगों को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मैं से कौन उनकी मांगे पूरी करेगा या फिर मेधा का अनशन यूं ही चलता रहेगा!

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