बजट में दिखी लोकसभा चुनाव की झलक, किसी को मिले तोहफे, कोई हुआ उदास

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019 पेश कर दिया है। बजट में आगामी चुनाव की झलक साफ नजर आ रही है। चुनाव से पहले सरकार ने एक बड़ा सियासी दांव चल दिया है। पहले तो छोटे किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान दिया है। इस ऐलान के साथ कोशिश की गई है देश में किसानों के अंदर हाल ही में सरकार के खिलाफ उपजे गुस्से को ठंडा किया जा सकेगा। खैर बाकि सब छोड़िए, सबसे बड़ा ऐलान तो अब मिडिल क्लास के लिए हुआ है। टैक्स देने की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। और यही वो ऐलान है जिसका सबको बहुत बेसब्री से इंतजार था। संसद का माहौल इस ऐलान के बाद देखने वाला था। मोदी, मोदी…के नारे कई मिनट तक लगते रहे।

बजट से कुछ वर्ग तो खुश नजर आ रहा है लेकिन कुछ लोगों को बजट गम भी दे गया। इस बजट ने छोटे कारोबारियों, महिलाओं, नौकरीपेशा और आम लोगों के मुंह पर तमाचा मारा है। इस बजट से सरकारी कर्मचारियों को काफी उम्मीदें थीं लेकिन सरकार उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। कर्मचारियों के हाथ फिर निराशा ही लगी है। शहरी लोगों के लिए कोई ऐलान नहीं किया गया है।

इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए मेगा पेंशन योजना की घोषणा की है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का ऐलान करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि 100 रुपए के मासिक योगदान पर कामगारों को 60 साल की आयु के बाद हर महीने 3000 रुपए पेंशन मिलेगी। इसके तहत असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ कामगारों को रिटायरमेंट के बाद एक न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाएगी।

पीयूष गोयल ने कहा कि 21 हजार से कम वेतन वाले मजदूरों को 7 हजार रुपए का बोनस मिलेगा। न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ाई गई। 2 करोड़ ईपीएफओ अकाउंट खोले गए। 10 करोड़ मजदूरों के लिए पेंशन योजना। वहीं जिनका ईपीएफ कटता है उन्हें 6 लाख रुपए का बीमा दिया जाएगा। इसके अलावा मानक कटौती की सीमा को भी 40,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 करने का प्रस्ताव किया गया है। गोयल ने लोकसभा में 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस प्रस्तवा से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा।

आयकर छूट की सीमा को दोगुना करने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। यदि कोई करदाता किसी सरकार की विशेष कर बचत योजना में निवेश करता है तो उसके लिए प्रभावी कर मुक्त आय की सीमा एक साल में 6.5 लाख रुपए होगी। एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोडऩे पर यह सीमा और बढ़ जाएगी। वित्त मंत्री ने बैंकों और डाक खाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालना 40000 रुपए तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है। अभी छूट 10000 रुपए तक के ब्याज पर थी।

किसानों को लुभाया
पीयूष गोयल ने चुनाव से पहले देश के किसानों को लुभाने के लिए बड़ा तोहफा दे दिया। केन्द्र सरकार ने चुनावों को ध्यान में रखते हुए देश में 12 करोड़ किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए 6000 रुपये प्रति वर्ष बैंक खाते में देने का ऐलान किया। इसके साथ ही असंगठित क्षेत्र में कामगारों को मदद पहुंचाने के लिए सरकार ने पेंशन योजना का ऐलान किया जिसके तहत 3000 रुपये प्रति माह की पेंशन देने का प्रावधान है।

दो हक्टेयर जमीन तक के किसान को 6 हजार तक का डायरेक्ट सपोर्ट दिया जाएगा। मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ का आवंटन दिया साथ ही में 60 साल से अधिक उम्र वाले मजदूरों को 3000 रूपए पेंशन का भी ऐलान किया। गौ माता के लिए बजट में बड़ा ऐलान किया गया जिसने सरकार ने बताया कि सरकार द्वारा जल्द कामधेनु योजना की शुरूआत की जाएगी। कमजोर और छोटे किसान को हर साल 6 हजार रुपए दिए जाएंगे ताकि किसानों की आमदनी बढ़ सके। ये तीन किस्त 2 हजार -2 हजार रुपये मिलेंगे। ये पैसे सीधे किसानों के खाते में जाएंगे, इसकी 100 फीसदी सरकार फंडिंग करेगी। पीयूष गोयल ने कहा कि ये स्कीम एक दिसंबर 2018 से लागू होगी जिससे देश के 12 करोड़ किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। तीन किस्तों में किसानों को मिलेगा योजना का लाभ मिलेगा।

Related posts