फिर लोकायुक्त के घेरे में अशोकनगर नगरपालिका

अशोकनगर। अशोकनगर नगरपालिका में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे धांधली और घोटालों को लेकर लोकायुक्त संगठन भोपाल द्वारा जांच पंजीबद्ध की गई है। उल्लेखनीय हो कि इस पंजीबद्ध कार्रवाई के पूर्व भी विगत नगरपालिका परिषद के कार्यकाल में हुए 58 लाख 76 हजार के हाईमास्ट लाइट घोटाले की वर्ष 2017 में एफआईआर पंजीबद्ध है। जिसको लेकर भी गत दिनों आरोपियों को लोकायुक्त ग्वालियर में तलब होने नोटिस जारी हुए थे। उक्त कार्रवाई अभी प्रचलन में है। तत्पश्चात नगरपालिका परिषद के पार्षद रोशन राज सिंह यादव के द्वारा दिनांक 15 मई 2018 को लोकायुक्त संगठन भोपाल को की गई शिकायत पर से लोकायुक्त जांच प्रकरण 491/18 पंजीबद्ध की गई है।

जानकारी अनुसार पार्षद द्वारा की गई शिकायत में दर्शाया गया है कि वर्तमान नगरपालिका परिषद में अधिकारियों, कर्मचारियों के द्वारा अपने नाते-रिश्तेदारों, भाई, भतीजे, पुत्र, पत्नी, बहु के नाम से फर्जी तरीके से राशि निकाल कर लाखों का चूना शासन को लगाया जा रहा है। जिसको लेकर लोकायुक्त संगठन भोपाल द्वारा जांच पंजीबद्ध की गई है। हाईमास्ट घोटाले में विधायक आरोपी: गत नगरपालिका परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष जजपाल सिंह वर्तमान विधायक सहित तत्कालीन सीएमओ पीके सिंह सहित 5 लोगों के विरुद्ध 58 लाख 76 हजार रुपये का हाईमास्ट लाईट घोटाला करने की एफआईआर पूर्व से दर्ज है, जिसमें न्यायालय में चालानी कार्रवाई होना शेष है।

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