प्रोटीन का राजा है चना, खाने में करें शामिल

काबुली चना खाने के फायदे : शाकाहारियों के लिए चना प्रोटीन  का एक अच्छा स्रोत है। दालों का जिक्र करते ही चने का नाम अपने आप आ जाता है।  यहां इसका स्वाद मुंह में पानी ला देता है, वहीं इसका सेवन सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। प्रोटीन हमारे शरीर के लिए जरुरी पोषक तत्व है। चना में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए यह प्रोटीन का राजा भी कहलाता है। इसमें 12 से 15 ग्राम प्रोटीन होता है। चना खाने से शरीर में फूर्ति बनी रहती है। आइए जानते हैं कि इसमें कौन-कौन से गुण छिपें हैं।

1. मैगनीज का भंडार
चने में कॉपर और मैगनीज पाया जाता है जो खून के लगातार बहाव  में मदद करता है।  इसे खाने से शरीर का तापमान सही बना रहता है।

2. एनीमिया से बचाव
चना आयरन का एक बहुत अच्‍छा स्रोत है। इसके सेवन से एनीमिया की समस्या नहीं होती। इसलिए डॉक्टरस बच्चों में खून की कमी होने पर, प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग  लेडीज को चने खाने की सलाह देते है।

3.वजन घटाता है
चना फाइबर का पावर हाउस होता है। यह भूख को कट्रोल करता है और इसे खाने के काफी समय बाद भी आपका एनर्जी लेवल हाई रहता है जिससे आप का वजन घटने लगता है।

4. फॉस्फोरस  
चने में लगभग 28 प्रतिशत फॉस्‍फोरस होता है। यह शरीर में नई कोशिकाएं बनाने में सहायक होते हैं यह हीमोग्‍लोबीन की मात्रा बढा कर किडनी में एकस्ट्रा पदार्थो को साफ करते हैं। इसलिए किडनी की सेफ्टी के लिए चने का सेवन बहुत लाभकारी होता है।

 5. कोलेस्‍ट्रॉल घटाए
चना शरीरी में कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है। यह आंत में पित्त के साथ मिलकर खून में बढे़ हुए कोलेस्‍ट्रॉल के कम करने में मदद करता है।

6. ब्लड प्रेशर पर करें कंट्रोल 
हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए चना खाना बहुत लाभदायक होता है। चने में मौजूद पोटेशियम और मैग्‍नीशियम की शरीर में रक्त चाप पर कंट्रोल रखने में मदद करते है।

7. पाचन शक्ति बढाता है
चना पाचन और आंत को ठीक रखकर पाचन तंत्र में होने वाले विकारों को दूर करने में मदद करता है। चने में फीटो-न्यूट्रिएंट, उच्‍च प्रोटीन और विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में होते हैं। जो कब्‍ज, एसिडिटी, अपचन आदि आंत में होने वाली समस्याओं से बचाते हैं।

8.महिलाओं में हार्मोन 
चने का सेवन औरतों की सेहत से जुडी समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह फीटो-न्‍यूट्रीएंट का बहुत अच्‍छा स्रोत है। यह हार्मोंज के उतार चढाव को कंट्रोल करता है। इससे स्‍तन कैंसर का खतरे भी कम रहता है।

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