पुलवामा हमले के बाद राहुल का पहला बयान, पूरा विपक्ष सरकार और सेना के साथ

नई दिल्ली। कल 14 फरवरी, 2019 को अवंतीपुरा के गोरीपोरा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में अब तक 48 जवान शहीद हो चुके हैं। आतंकी हमले से पूरे देश में उबाल है। हर कोई आतंकी हमले की निंदा कर रहा है। देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर लोगों ने आंतकवाद और पाकिस्तान का पुतला भी फूंका।

पुलवामा हमले के बाद देश-विदेश के तमाम नेताओं के बयान आए। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह से लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका गांधी भी मीडिया के सामने आईं। मगर राहुल गांधी सामने नहीं आए थे। तो आज 15 फरवरी को पीएम मोदी के भाषण के बाद उन्होंने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा ये एक दुखद घटना है। ये हमला हिंदुस्तान की आत्मा पर हमला है। ये हमारे देश के सबसे जरूरी नागरिक माने हमारे सैनिकों पर हमला है। ये बहुत बुरा है। आतंकियों का मकसद हमारे देश को तोड़ना है। मगर हम एक सेकंड के लिए भी नहीं बंटेंगे। इस देश को कोई भी शक्ति बांट नहीं सकती है। जिन लोगों ने ये किया है उन्हें ये नहीं लगना चाहिए कि वो इस देश पर जरा सी भी चोट पहुंचा सकते हैं। ये देश हिल भी नहीं सकता है।

पूरी कांग्रेस पार्टी से साथ ही पूरा अपोजीशन इस वक्त एकजुट है। और हम सभी देश की सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका समर्थन करेंगे। ये वक्त किसी की आलोचना का नहीं है। देश के एकजुट रहने का है। मैं शहीद परिवारों से, उनके बच्चों से कहना चाहता हूं कि हम आपके साथ खड़े हैं। हमारी पूरी शक्ति आपके साथ है।

वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आतंकियों से कोई समझौता नहीं होगा। ये एकजुट होने का वक्त है, दुख की इस घड़ी में पूरा देश साथ है। मनमोहन ने कहा कि आज का दिन शोक का दिन है। हमारे देश ने सशस्त्र बलों के जवानों को खो दिया है और हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है कि हम उनके परिवारों को बताएं कि हम उनके साथ हैं। हम कभी भी आतंकवादी ताकतों से समझौता नहीं करेंगे।

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