नाश्ता न करने और देर से खाना खाने वाले हो जाएं सावधान, भुगतने पड़ सकते हैं गंभीर परिणाम

नाश्ता करना सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। डॉक्टरों द्वारा खासतौर पर सुबह नाश्ता करने की सलाह दी जाती है। सुबह का नाश्ता कई बीमारियों से बचाता है। इसके अलावा रात का खाना भी यदि वक्त पर न खाया जाए तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। जो लोग सुबह के समय नाश्ता नहीं करते और रात का खाना बहुत देर से खाते हैं, उन्हें दिल का दौरा पडऩे के बाद बदतर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। एक शोध रिपोर्ट के आधार पर ऐसी चेतावनी दी गई है।

यह कहती है रिपोर्ट

भोजन संबंधी इन दो आदतों वाले लोगों में दिल का दौरा पडऩे के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने के 30 दिनों के भीतर चार से पांच बार मौत के करीब चले जाने, एक और दिल का दौरा, या एनजाइना (सीने में दर्द) पाया गया। रिपोर्ट में रात के खाने और सोने के बीच न्यूनतम दो घंटे का अंतराल रखने की भी सलाह दी गई है।

आज के दौर में ‘‘ऑन-द-गो और तेज रफ्तार जीवन का मतलब है कि लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं और दिन के शेष समय अस्वास्थ्यकर, क्विक-फिक्स भोजन खाते हैं। यह समझना जरूरी है कि नियमित रूप से मध्यम तीव्रता के व्यायाम के साथ संयुक्त शरीर के वजन में 5 प्रतिशत की कमी भी टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को 50 प्रतिशत से अधिक कम कर सकती है। मधुमेह के बिना या इस स्थिति के विकास के जोखिम के लिए एक स्वस्थ जीवन शैली की ओर स्विच करने और एक आदर्श बीएमआई बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

डॉक्टरों के मुताबिक, आहार एक व्यक्ति के वजन से स्वतंत्र मधुमेह के जोखिम को प्रभावित करता है। टाइप-2 मधुमेह को एक ‘साइलेंट किलर’ के रूप में जाना जाता है। जब तक इसका निदान किया जाता है, तब तक अन्य संबंधित स्वास्थ्य जटिलताएं पहले से मौजूद हो सकती हैं।

मोटे लोगों को जटिल कार्बोहाइड्रेट के सेवन को सीमित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, क्योंकि वे रक्त-शर्करा के स्तर और इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं। इंसुलिन प्रतिरोध वाले लोगों में, इस वृद्धि से आगे वजन बढ़ सकता है। इसके अलावा, हर दिन लगभग 30 से 45 मिनट शारीरिक गतिविधि करने का लक्ष्य रखें, सप्ताह में पांच बार। जो आपको दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाएगा।

रोजाना करें यह काम

– रोजाना व्यायाम करें और स्वस्थ आहार का सेवन करें।
– नियमित अंतराल पर अपने रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करें।
– किसी भी रूप में परिष्कृत चीनी का सेवन न करें, क्योंकि यह रक्त प्रवाह में अधिक आसानी से
– अवशोषित हो सकता है और आगे की जटिलताओं का कारण बन सकता है।
– ध्यान और योग जैसी गतिविधियों के माध्यम से तनाव को कम करें।

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