दुर्लभ मामला: सर के सींग से परेशान व्यक्ति को सागर के डॉक्टर ने परोसी राहत

ऐसा भी होता हैं!
एक व्यक्ति के सर पर बार बार कटवाने के बाद भी सींग उग रहे थे। यह कोई हस्यवादी बात नही लेकिन ऐसा सही में हो रहा था। जब कही भी अपने सींग से श्यामलाल को छुटकारा नही मिला तो श्यामलाल अपने सींग के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के अलावा भोपाल और नागपुर के भी कई अस्पतालों में इलाज के लिए गए लेकिन कहीं भी उन्हें संतुष्टि नहीं मिली। इस सब के बाद उन्होंने सागर के एक निजी अस्पताल में डॉ. विशाल गजभिये को अपनी समस्या बताई। वरिष्ठ सर्जन डॉ. गजभिये ने ऑपरेशन कर उन्हें फाइनली सींग से मुक्ति दिलाई। श्यामलाल के सिर पर बीचो-बीच 4 इंच से बड़े साइज़ का ये सींग बिल्कुल असली और ठोस था। मेडिकल साइंस में यह अभी तक का दुर्लभ मामला है।
सब जगह से थक हार कर श्यामलाल पिछले दिनों सागर के एक निजी अस्पताल भाग्योदय तीर्थ हॉस्पिटल के डॉ. विशाल गजभिये  से मिलकर उन्हें अपनी समस्या बताई जहां पिछले दिनों उनका ऑपरेशन किया गया। श्यामलाल यादव की सर्जरी करने वाले सीनियर सर्जन डॉ. विशाल गजभिये ने बताया कि सींग की लंबाई करीब 4 इंच थी, मोटाई भी पर्याप्त थी। मरीज का सीटी स्कैन कर के पहले यह देखा गया कि सींग सिर में कितने अंदर तक था। जब कंफर्म हो गया सींग ऊपरी सतह पर ही है और न्यूरो सर्जन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तो ऑपरेशन किया गया।

सिंग के बाद कि प्लास्टिक सर्जरी
सींग को काटने के बाद खाली जगह को बंद करने के लिए माथे के ऊपरी हिस्से की चमड़ी निकाल कर प्लास्टिक सर्जरी की गई है। डॉ. गजभिये के मुताबिक यह दुर्लभ केस है। मेडिकल साइंस में इसे सेवेसियस हार्न कहा जाता है। सिर में बालों की ग्रोथ के लिए प्राकृतिक रूप से सेवेसियस ग्लैंड होती है। इससे द्रव्य रिलीज होते हैं, जो बालों को चमकदार बनाते हैं। चोट लगने के कारण यह ग्लैंड शायद बंद हो गई और द्रव्य जमता रहा जिसने सींगनुमा आकार ले लिया। डॉ. गजभिये कहते हैं कि ये दुर्लभ मामला है जो कि अध्ययन का विषय है। वो इसे इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशन के लिए भेज रहे हैं। साथ ही इसे मेडिकल साइंस के कोर्स में शामिल करने के लिए भी भेज रहे हैं। वो कहते हैं कि ये बहुत ही रेयर केस है। सेवेसियस हार्न की हिस्ट्री उन्हें किताबों के अलावा और कहीं नहीं मिली।

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