दिन दहाड़े गुज़री क़त्ल की वारदात, भतीजे ने चाचा को उतारा मौत के घाट!!!

Anam Ibrahim
7771851163

*भोपाल :-* समाज के भीतर अक्सर कत्ल जैसी वारदातों की वजह जर जोरू और जमीन ही सामने आती रही है। अगर ये तीनो ही कारण घर के बाहर से जुड़े है तो बात आम है। लेकिन जब खून के रिश्तों के दरमियां जर,जोरू और जमीन के चलते दरार आजाए तो रिश्ते ही बदनाम नही होते बल्कि पूरा समाज ही बद से बदनाम हो जाता है!!!

*भोपाल* थाना जहांगीराबाद 3 दशक से इस इलाक़े में गैंगवार कर दहशत का माहौल बनाने वाला माइकल,पीटर, स्टैनली,बेनेटिक का परिवार अपराध की दुनिया मे रहरहकर कहर बरपाता रहा है, क़त्ल गोलीबारी,बमबारी जैसे संगीन सैकड़ो मामले इस परिवार के रोज़नामचे में दर्ज़ है, रिकॉर्डशुदा माईकल का एक लंबी बीमारी के बाद देहांत हो गया तो वहीं बेनेटिक का मड़र हो गया था जिसके बाद रहमान लॉन्ड्री में एक भाई ने दिनदहाड़े बम पटक कर इलाक़े को दहशतज़दा कर दिया था,आज लम्बे वक़्त के बाद एक बार फिर इस परिवार द्वारा परिवार के बीच ही अपराध को दोहराया गया है अपराधी भाइयों ने आज अपने सगे चाचा को ही मामूली से ज़मीनी टूकड़े की लालच में चाकुओं से गोंदकर मौत के घाट उतार दिया। मामला कुछ यूं हुआ अपराधी नस्ल के भाईयों का अपने अपाहिज सगे चाचा से जमीनी टुकड़े को लेकर विवाद चल रहा था जिसका निर्णय 5 तारीख़ को न्यायालय के समक्ष होने वाला था। चाचा जॉर्ज ज़ूम आज जब अपने विवादित मकान में समान जमा रहे थे तभी अचानक अपराधी भतीजों ने चाचा को धारदार औजारों से गोद डाला, कमज़ोर चाचा की चीख़ें भी सुनी तो एक अपाहिज़ महिला ने जो उसे बचाने में असक्षम थी, फिर क्या क़ातिल भतीजो ने बेरहमी से चाचा को मौत की नींद सुला दिया और मौक़े से फुर हो गए। लिहाज़ा मामले की भनक लगते ही थाना जहांगीराबाद टीआई वीरेंद्र सिंह चौहान व सीएसपी खान मौक़े पर जा धमके। ख़ैर थाना जहांगीराबाद टीआई का रिकॉर्ड है की वो जहां भी जिस थाने में रहे फ़रार आरोपी को पकड़ने में उन्हें महारत हासिल है। बहुत जल्द ही फ़रार क़ातिल सलाखों के पीछे नज़र आएंगे ,

इबरत ,,,,,,,,,

रिश्ते दुनिया मे महज़ कुर्बान होने के लिए ही होते है, जिसे इंसान अपना जान,माल वक़्त और खुद की शख्सियत को भी मिटा कर बरक़रार रखता है , लेकिन जब रिश्ते लालच और मफाद की दहलीज़ पार करने पर आमादा हो जाएं तो समझ लेना चाहिए कि ये रिश्ता रिश्ता नही बस एक रांड है जो किसी चकले पर ही नही कहीं भी कभी भी बेलिबास हो सकता है। अक़्सर जब जर जोरू जमीन का मामला रिश्तों के दरमियां गुज़रे तो सार्वजनिक लोगो के बीच ही सुलह करने का प्रयास करें अन्यथा ऐसे ही हालत बनेंगे जैसे जॉर्ज ज़ूम के साथ बने।
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