दलितों से दिल्लगी: दलितों के लिए 5000 किलो की ‘सियासी खिचड़ी’ पका रही है बीजेपी

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव को ध्‍यान में रखते हुए मोदी सरकार ने एक सियासी चाल चली है। वह है दलितों के साथ दिल्लगी करने की। दलितों के लिए बीजेपी एक स्वाभाविक राजनीतिक विकल्प बनना चाहती है। इस के तहत भाजपा ने दलितों को लुभाने के लिए रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा ने ‘भीम महासंगम विजय संकल्प-2019 रैली’ का आयोजन किया है। इस रैली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल होंगे। इतना ही इस दौरान पार्टी कार्यकर्त्ताओं के बीच 5 हजार किलो ‘समरसता खिचड़ी’ पकाकर बांटी जाएगी। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, इस खिचड़ी में प्रयोग किए गए चावल और दाल दलित घरों से एकत्र किए गए हैं। यह खिचड़ी मशहूर शेफ विष्णु मनोहर तैयार करेंगे।

दरअसल दिल्ली में पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 12 सुरक्षित सीटों में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं हो पाई है। इसके चलते बीजेपी का दावा है कि तीन लाख दलितों के घरें से दाल-चावल इकट्ठा करके उसने लोगों को जोड़ा है। रविवार को रामलीला मैदान में इसी से बनी खिचड़ी को खिलाकर वो लोकसभा चुनाव में दलितों को लुभाने की कोशिश कर रही है। एससी एसटी मोर्चा बीजेपी अध्यक्ष मोहन लाल गेरा ने बताया कि हमने घर-घर जाकर खिचड़ी इकट्ठा की है, इसके जरिए मोदी जी की नीतियों को हमने प्रचारित किया है।

बता दें, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पकौड़ा बनाने को रोजगार बताने पर काफी राजनीति हुई थी। विपक्ष इसे बीजेपी की पकौड़ा पॉलिटिक्स बता रहा था। मगर अब बीजेपी पकौड़ा पॉलिटिक्स से एक कदम आगे बढ़कर खिचड़ी की राजनीति पर आ गई। भीम महासंगम के नाम से होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेश अघ्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि ये समरसता खिचड़ी लोगों की सेहत के साथ-साथ समाज के स्वास्थ्य को भी अच्छा रखने का काम करेगी।

BJP पका रही है 5,000 किलो खिचड़ी के लिए इमेज परिणाम

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