थाना हनुमानगंज के इर्दगिर्द चरस-गांजा और रातभर बिकती शराब अपराधियों की बनी पनाहगाह!!

अनम इब्राहिम
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≈जनसम्पर्क-life≈

 

भोपाल: थानों में थाना हनुमानगंज थाना ये वो थाना है जहां का रिश्वतिया थाना चखने की चाह अक्सर वसुलिकर्ता जैसे टीआई व सिपाहियों के ह्रदय में बनी रहती है। शायद यही वजह है की अक्सर मैदानी बल थाना हनुमानगंज तबादला करवाने की अर्जियां आला अफ़सरो के पास अन्य थानों कि तुलना में ज़्यादा लगाते रहते है।

गश्त देती पुलिस के बीच सेवालीक, राजदूत, प्रेसिडेंट व अन्य होटलों में रात भर बिकती शराब!!

रात के दूसरे हिस्से में जब शहर के तमाम मयखानों में ताले ठुक जाते हैं तब मदिरा का लुफ़्त उठाने शहर भर से शराबीनुमा अपराधी थाना हनुमानगंज की ज़ानिब रुख करते नज़र आते है। राजदूत बार व सेवालीक बार पर रातभर शराब की बिक्री का सिलसिला चलता रहता है जहां रात में गश्त देती डायल 100 व बाइकधारी पुलिसकर्मियो की भी आवकजावक लगी रहती है। खैर आप सोच रहे होंगे कि इन पर कार्यवाही क्यों नही होती तो जानले कद्दू कटता है तो सब मे बटता है।

 

थाने के करीब पान की दुकान पर रातभर सिगरेट में भर के बिकता है चरस गांजा और शराब!!

हाल ही में हनुमानगंज पुलिस ने पान की दुकान से 26 क्वाटर नम्बर वन विस्की की जपत की है जबकि पान की दुकान पर गांजे से भरी 25रुपए और चरस से भरी 35 में सिगरेट बेची जा रही है और ये सिलसिला सालो से चल रहा है। हैरत की बात है कि इस पान की दुकान के इर्दगिर्द भी रातदिन पुलिस नज़र आती है! परन्तु अफ़सोस ये बढ़ते अपराध का मंज़र देख कर लगता है जैसे दूध की रखवाली का जुम्मा बिल्ली के हाथों में दे दिया गया हो।

अवैध बस स्टैंड, कबाड़खाने, शराब की दुकान व होटले बनती है मोटी रक़म उगाई का ज़रिया!!

राजधानी में लम्बे वक़्त से नादरा बस स्टैंड का स्थान परिवर्तन हो चुका है परन्तु कई रसूखदार ट्रेवल्स संचालक व बस चालक द्वारा थाना पुलिस की जेब गरम कर इस अवैध बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। हज़ारों बड़ी-बड़ी बसे रात दिन बीच शहर की तंग सड़को से यहां आती जाती रहती है यही वजह है कि यातायात व्यवस्था पुराने शहर की सड़कों पर रह रह कर चरमराती है। कैसे वसूली होती है बस स्टैंड से?? आख़िर कौन है रात के काले बाज़ार का संचालक? कैसे होती है कबाड़ख़ाने से लाखो की उगाई?? शराब माफ़िया कैसे पेश करते है नज़राना?? पढ़िए पैसा उगाई का बड़ा ज़मीनी ख़ुलासा जनसम्पर्क-life की अगली ख़बर में तब तक के लिए बुराई को देख ख़ामोश ना रहे हल्ला मचाए, शोर करें और शहर को अपराध और भयमुक्त बनाने में सहयोग करे।

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