डिप्टी डायरेक्टर और असि. मैनेजर ने बहाली के लिए मांगी 40 हजार की रिश्वत, लोकायुक्त ने दबोचा

भोपाल। प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। जब तक मुट्ठी गर्म न की जाए तब तक कोई काम ही नहीं होता। जहां एक ओर भ्रष्टाचारियों को लोकायुक्त पुलिस पकड़ रही है फिर भी भ्रष्टाचारी रिश्वत लेने से नहीं चूक रहे हैं। एक और भ्रष्टाचारी लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़ गया। भोपाल में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने खादी ग्राम उद्योग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और असिस्टेंट मैनेजर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह रिश्वत विभाग के ही एक कर्मचारी से बहाली के नाम पर मांगी थी।

सूत्रों के अनुसार, लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई विभाग के ही कर्मचारी रहे सालिगराम कोहली की शिकायत पर की थी। कोहली शहडोल जिले में तैनात थे। तीन साल पहले लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। इसका प्रकरण होशंगाबाद अदालत में चला था, जिसमें वे बरी हो गए थे। अदालत से बरी होने के बाद कोहली ने नौकरी पर बहाली के लिए आवेदन लगाया था। लेकिन, उन्हें बहाल नहीं किया जा रहा था। इसी दौरान मैदामिल स्थित मुख्यालय के सहायक प्रबंधक भौमजी उर्फ शिवजी कटुके ने कोहली से बहाली के लिए 40 हजार रुपये मांगे। कटुके ने बताया था कि यह मांग डिप्टी डायरेक्टर शेषराव पंवार की तरफ से आई है। कोहली ने रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त में कर दी। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की कार्रवाई की जा रही है।

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