टीआई जितेंद्र पाठक को सालगिराह का सलामती भरा सलाम

अनम इब्राहिम

टीआई जीतू कि ज़िब में भाई बन्दी की सरसराहट तो है ही लेकिन दिल के दायरे के भीतर धड़कती हर एक धड़कनों में दया के कई ढ़ाबे भी खुले हुए हैं अगर पुलिसगिरी को दरगुज़र कर के देखा जाए तो आम ज़िन्दगी में जितेंद्र पाठक एक भावुक प्राणी है जो कई सामाजिक संस्थानों से जुड़ कर हमदर्दों की सूची में अपना नाम दर्ज़ करवाते आ रहा है। जितेंद्र पाठक की लोकप्रियता सामाज के आम खेमों में दोस्तियारी वाली है, यही वजह है कि जितेंद्र सब का दिल जीत लेते हैं। आज उनकी सालगिराह के ख़ास मौक़े पर ह्र्दय के भीतर से भर के दुआओं की कई हंडियां भेंट करना चाहता हूं। सालगिराह की दिली मुबारका जितेंद्र पाठक ब्रो`

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