झारखंड: तंत्र साधना के चलते दो बच्चों की बलि देकर उनके सिर लेकर भागा तांत्रिक

लातेहार। देश में अभी भी अंधविश्वास लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। अंधविश्वास के चलते तांत्रिक की बातों में आकर लोग ऐसा कर जाते हैं जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। ताजा मामला झारखंड के लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र स्थित सेमरहत गांव से आया है। यहां एक तांत्रिक ने दो मासूमों की बलि दे दी और उनका सिर को लेकर फरार हो गया। धड़ को तांत्रिक ने बालू में गाड़ दिया था जिन्हें बरामद कर लिया गया है। तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन सिर नहीं मिले हैं। मृतक दोनों बच्चे बीते बुधवार से लापता थे।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों को गुरुवार की सुबह गांव में सुनील उरांव के घर के पास स्थित बालू के ढेर में किसी बच्चे का पैर दिखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बालू का ढेर हटाया तो उसमें गांव के दो बच्चे वीरेंद्र उरांव के बेटे निर्मल उरांव (8 वर्ष) एवं बिहारी उरांव की बेटी शीला कुमारी (6 वर्ष) का सिर कटा शव मिला। पुलिस की टीम ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद आसपास के गांवों की भारी भीड़ मौके पर पहुंच गई।

बता दें कि दो बच्‍चों के गायब होने की सूचना से पूरे गांव में हड़कंप मच गया था। बुधवार को पूरे दिन परिजनों ने बच्‍चों की तलाश की मगर बच्‍चे कहीं नहीं मिले। गुरुवार की सुबह गांव के ही सुनील उरांव के घर के बगल से दोनों बच्‍चे के शव को बरामद किया गया। सुनील उरांव पर हत्‍या का आरोप लगा है। आरोपी सुनील उरांव अपने आपको तांत्रिक बताता था घटना के बाद से वह गांव से फरार हो गया है।

वीरेंद्र उरांव ने पुलिस को बताया कि सुनील उरांव ने ही अपनी तंत्र साधना के लिए बच्चों की हत्या की है। बकौल वीरेंद्र, मंगलवार को उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया और उसने कहा कि सुनील उरांव से बात करा दें। सुनील को उसने मोबाइल बात करने के लिए दिया। बात करने के बाद सुनील ने यह कहते हुए मोबाइल रख लिया कि वह सुबह मोबाइल दे देगा। बुधवार की सुबह बेटे निर्मल को फोन लाने के लिए सुनील के पास भेजा। निर्मल मोबाइल लेकर नहीं आया तो वह बाइक से सुनील के घर गया, इस पर उसने जवाब दिया कि निर्मल तो मोबाइल लेकर चला गया।

सुनील ने थोड़ी देर में आने की बात कहकर मेरी बाइक मांगी और कहीं चला गया। कुछ घंटे बाद जब सुनील के घर पहुंचा तो देखा कि वह अंदर से घर बंद कर पूरे घर को पानी से धो रहा है। आवाज लगाने पर कहा कि वह नहा रहा है, इसके बाद से ही वह घर में ताला बंद कर लापता हो गया। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने जब एक बच्चे के शव की बात बालू के ढेर में होने की कही तो पुलिस को सूचना दी। जब बालू हटाया गया तो कलेजा फटा रह गया। बालू के नीचे वीरेंद्र उरांव के बेटे निर्मल उरांदव और बिहारी उरांव की बेटी शीला की सिर कटी लाश थी।

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