जहरीली शराब से UP औैर उत्तराखंड में 82 लोगों की मौत

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ का उत्तर प्रदेश अवैध शराब के धंधे के लिए बदनाम है। यह धंधा बेहद खतरनाक होता जा रहा है। गांवों में धधक रहीं शराब की भट्ठियां काफी जानलेवा हो रही हैं। अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। जिला सहारनपुर में 54 और उत्तर प्रदेश के बिहार सीमा से सटे जिला कुशीनगर में जहरीली शराब के सेवन से 08 लोगों की मोत हो गई जबकि, उत्तराखंड प्रदेश के रुड़की में जहरीली शराब से 20 लोगों की मौत हो गई तथा 40 लोगों की हालत गंभीर हैं। इस प्रकार उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड प्रदेश में जहरीली शराब से मरने वालों की कुल संख्या 82 हो गई है। जांच में यह बात साने आई है कि शराब में मिथाइल एल्कोहल की मात्रा ज्यादा थी, जो मौत की वजह बनी।

बता दें की प्रदेश में कुशीनगर में 2 दिन पूर्व जहरीली शराब के सेवन से 10 लोगों की मौत के बाद जिला सहारनपुर में इसका कहर बरपा है। यहां पर अवैध शराब के सेवन से 24 लोगों ने दम तोड़ दिया है जबकि दर्जन भर से अधिक लोगों की हालत गंभीर है। इनका सहारनपुर और देहरादून में इलाज चल रहा है। जहरीली शराब सेवन से मरने वालों को 2-2 लाख तथा गंभीर रूप से बीमारों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए की सहायता की घोषणा की गई है। जिम्मेदार पुलिस और आबकारी विभाग के लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। जिला आबकारी अधिकारी और क्षेत्र के 2 आबकारी इंस्पेक्टरों को निलम्बित कर दिया गया है।

उधर, उत्तराखंड में 2 आकबारी निरीक्षकों और 7 आबकारी सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि बताया जाता है कि सहारनपुर के 3 थाना क्षेत्र नागल के गांव उमाही में 5, सलेमपुर में 7, ताजपुरा में 2, मायाहेड़ी में 1, थानाक्षेत्र गागलहेड़ी माली में 3, शर्बतपुर में 3 और थानाक्षेत्र देवबंद के गांव शिवपुर 1, डांको वाली में 1 और बिलासपुर में 1 की मौत हुई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों के परिजनों को 2-2 लाख तथा गंभीर रूप से घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए की सहायता मुख्यमंत्री के निर्देश पर दी जाएगी। मृतकों में लगभग सभी मजदूरी करने वाले हैं।

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