गुना: खुद बीमार है कैन्ट का अस्पताल, बदहाली पर बहा रहा आंसू

गुना। शहर का कैन्ट अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अस्पताल खुद ही बीमार है, जिसे लंबे समय से इलाज की दरकार है। हालांकि बीच-बीच में कई बार स्टाफ की दवाई और सुविधाओं के इंजेक्शन अस्पताल को लगाए गए, इसके बाद भी अस्पताल है कि स्वस्थ होने को ही नहीं आ रहा है। ऐसे लगता है कि जिम्मेदार या तो अस्पताल का मर्ज पकड़ नहीं पा रहे है या फिर इलाज ठीक से नहीं हो रहा है। शहर के कैंट थाना क्षेत्र में निवास करने वाली करीब 50 हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार ने इलाके में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिया है लेकिन यहां पर्याप्त स्टाफ न होने से मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि शासन ने कागजों में तो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 16 प्रकार की जांचों की सुविधा दी है। लेकिन यहां की पैथोलॉजी पर टेक्नीकल स्टाफ सहित आवश्यक मशीनें न होने के कारण सभी जांचें नहीं हो पा रही हैं।

इस स्थिति में मरीजों को जांच के लिए 7 किमी दूर जिला अस्पताल तक आना पड़ रहा है। – न पैथोलॉजिस्ट न लैब टेक्नीशियन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ स्टाफ ने बताया कि यहां पैथोलॉजी तो है लेकिन बीते करीब 6 माह से न लैब टेक्नीशियन है और न ही पैथोलॉजिस्ट। ऐसे में सिर्फ वहीं जांचें हो पा रही हैं जो एएनएम द्वारा किट से की जा रही हैं। यहां बताना होगा कि शासन ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 16 प्रकार की जिन जांचों की सुविधा दी है उनमें अधिकांश ऐसी जांचें हैं जो बिना लैब टेक्नीशियन व पैथोलॉजिस्ट तथा आवश्यक मशीनरी के संभव नहीं है। जैसे कि सीव्हीसी, पीलिया, टाइफाइड, विडाल की जांच के लिए विशेषज्ञ का होना जरूरी है।

जिला अस्पताल की पैथोलॉजी पहले ही ओवर लोड शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शासन द्वारा निर्धारित 16 प्रकार की जांचों में से अधिकांश के न होने पर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। जबकि यहां कि पैथोलॉजी पहले से ही ओवर लोड है। ऐसे में कैंट क्षेत्र से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

100 से 200 तक पहुंची जाती है ओपीडी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉक्टर के मुताबिक यहां सामान्यत: ओपीडी 100 तक तो रहती ही है। लेकिन हाल ही में 200 तक जा पहुंची है। गर्मी का सीजन शुरू हो गया है तो अब यह और भी बढ़ सकती है। अभी यहां दो चिकित्सक मौजूद हैं।

शासन ने इन जांचों की दी है सुविधा
1. एचबी ( कलर स्केल)
2. यूरिन सुगर
3. यूरिन फॉर प्रेग्नेंसी टेस्ट
4. मलेरिया
5. स्लाइड कलेक्शन फॉर पी-वाइवेक्स, पी-फैल्सीफेरम
6. एचबी
7. यूरिन माइक्रोस्कॉपी
8. ब्लड शुगर
9. सीरम यूरिया
10. सीरम कॉलेस्ट्रॉल
11. सीरम बिलीरूबीन
12. टायफॉड कार्ड टेस्ट
13. बीटी सीटी
14. स्टूल एक्जामिनिशेन
15. ईएसआर
16. कंप्लीट ब्लड पिक्चर

जरा इनकी भी सुनें
स्वास्थ्य केंद्र कैंट के मेडीकल ऑफीसर डॉ. डॉ राघवेंद्र ताटके का कहना है कि हमारे पैथोलॉजी तो हैं लेकिन टेक्नीकल स्टाफ नहीं है। ऐसे में हमारे यहां एएनएम किट द्वारा जांचें करती हैं। जो हो सकती हैं वह तो कर ली जाती हैं और जो नहीं हो सकती हैं उनके लिए हम मरीज को जिला अस्पताल भेज देते हैं। वैसे शासन द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कितनी प्रकार की जांचों की सुविधा दी गई है, इसकी जानकारी मुझे ठीक से नहीं है।

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