क्या ZEE मीडिया को विधायक आरिफ़ मसूद को बदनाम करने की मिली थी सुपारी???

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किस के इशारे पर पत्रकारिकता की आड़ में कट्टरकरिकता कर गया ZEE का रिपोर्टर ??

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क्या विधायक मसूद के ख़िलाफ़ झूठी ख़बर चलाने वाले एंकर पर  होगा अब मुक़दमा दर्ज़??

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 क्या बढ़ती सियासी लोकप्रियता बनने लगी अब मसूद की दुशमन??

भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार के विधायक आरिफ़ मसूद सियासी गलियारों में जीत के बाद से ही चर्चा का विषय बनते चले जा रहे है। कभी बीजेपी के राष्ट्रीय महा सचिव कैलाश विजयवर्गीय खुले मंच पर मसूद कि जीत पर अफ़सोस जताते हैं तो कभी विपक्षी विधायको की जुबां उनके नाम को लेकर फुसफुसाती है वजह मसूद की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता है।
मसूद के द्वारा आएं दिन देशहित, सामाजिक व संवैधानिक मुद्दों पर सियासत गरमाई जाती रही है। हाल ही में विधायक मसूद के द्वारा जेल में बंद आम कैदियों के लिए खाद्य समाग्री बंद करवाने वाले प्रदेश के जेल DG संजय चौधरी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई गई है। मसूद ने जेल में बंद सभी आम कैदियों की पीड़ा को भांपते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखित आवेदन पेश किया कि तत्काल ही जेल DG चौधरी को हटाया जाए इसी सिलसिले में ZEE मीडिया के रिपोर्टर ने विधायक मसूद सवाल करें जिस पर मसूद ने अपना बयान दिया कि जेल के अंदर खाद्य सामग्री मैन्युअल के हिसाब से पूरे हिंदुस्तान की जेलों में जाति है परंतु जेल DG संजय चौधरी द्वारा उसे बंद करवाकर जेल में बंद आम कैदियों पर ज़ुल्म ढहाया जा रहा है। आगे मसूद ने कहा कि यही वजह है सामग्री कि समस्याओं से जूझते कैदी जेल से भागने पर मज़बूर हो रहे हैं और जेल में ही खुदकुशी कर रहे है। साथ ही मसूद ने कहा कि “मैने कहा कि सीएम साहब से की वो निर्णय ले अन्यथा में निर्णय लूंगा……. “

अब देखिए ZEE मीडिया में कैसे बात का बतंगड़ बना कर मसूद की सियासी छवि को दाग़दार करने वाला झूठा समाचार बनाया!!

Zee का एंकर वीडियो में कहता है खूंखार कैदियों और आतंकियों को बाहरी सामग्री दिलवाना चाहते है विधायक आरिफ़ मसूद …..कोई ऐसे अनाड़ी एंकर को बताए कि जेल में आतंकवादी व खूंखार कैदी ही नही आम हिंदुस्तानी, नेता व मज़हबी धार्मिक लोग भी रहते है। खैर इस तरह के समाचार दिखाना पत्रकारिकता की निष्पक्षता की आबरू लूटना है और पत्रकारिकता कि स्वतंत्रता का दुरुपयोग करना है। बहरहाल रिपोर्टर यही नही थमा उसने इस जनहित के मामले को मुख्यमंत्री और विधायक के बीच फूट डालने का ज़रिया बनाने की भी कोशिश करी । मसूद ने कहा कि मैने कहा है सीएम साहब की वो निर्णय लेले नही तो में निर्णय लूंगा ..इस सवाल को भी एंकर ने ग़लत तरह से पेश किया ..कहा कि कांग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद ने अपनी ही सरकार और सीएम कमलनाथ को दो टूक घेर लिया है उन्होंने कहा कि जेल DG संजय चौधरी को हटाने के लिए कह दिया है अगर नही हटाया तो मैं खुद देख लूंगा। जो भी हो इस तरह के झूठे समाचारो को देख लगता है जैसे योजनाबद्ध तरीक़े से ज़ी मीडिया सियासी शख्सियतों की नकारात्मक छवि बनाने के लिए समाचारो कि सुपारी ले रहा है और पत्रकारिकता की आड़ में कट्टरकारिकता कर आपसी नफ़रतों के बीज बो रहा है। इस तरह की भद्दी पत्रकारिकता से एक और जहां समाज का पत्रकारों के ऊपर से विश्वास हट रहा है तो वहीं दूसरी तरफ़ निष्पक्ष पत्रकारों का नाम बदनाम भी हो रहा है।

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