क्या शिवराज ने सही में खाया था जानवरों का गोश्त?

वायरल हुई तस्वीरों में बोटियां नोचते हुए शिवराज के साथ किसने की शरारत?

PTI? इंडिया टुडे? अशरफ देवगन? ट्रिब्यून? कांग्रेस? या फिर इस के पीछे है पाकिस्तान का हैं हाथ?

सीएम के पिट्टू उर्फ मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री एस.के मिश्रा, शासकीय सेवा से दरकिनार होने के बावजूद भी शिवराज के ऐबो को छुपाने में भी उनके बाप का किरदार निभा रहे हैं। जैसे कोई बच्चा नादानी में खता कर जाए या उसकी शरारत कैमरों में कैद होकर सार्वजनिक हो जाये तो पिता कभी स्वीकार नही करता कि मेरा बेटा गलत हैं। ठीक उसी तरह शिवराज के पाले हुए शासकीय दफ्तरों की दरख्तों की डालो से रिटायर होकर टूट चुके अफसर भी शिब्बू के ऐबो को छुपाने पर मुकम्मल तरह से हो रहे हैं अमादा। अच्छा हुआ मीडिया द्वारा एस.के मिश्रा से शिवराज की थाली पर पूछा गया कि वो वेज थी या नॉन-वेज थी, अगर अंडरवियर पूछ लिया जाता कि शिवराज जॉकी की या लक्स की पहनते हैं तो मुझे तो लगता हैं की एस.के मिश्रा उसमे भी ब्रांड मेन्टेन करके खुद ही दांवा ठोक देते की वो लक्स की नही जॉकी की पहनते है। यह तो वही कहावत हो गयी की अगर खुद का बच्चा जांग पर हगदे तो जांग काटी नही जाती बल्कि जांग पर पसरा हुआ मैला साफ किया जाता हैं। ठीक उसी तरह शिवराज के एहसानों का एस.के मिश्रा चुनाव में बदला दे रहे हैं, हाल ही में शिवराज का एक फोटो पीटीआई द्वारा वायरल हुआ था जिसमें वह निजी हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से में बैठकर थाली में भोजन ग्रहण कर रहे थे परंतु उसी थाली का दूसरा सच ट्रिब्यून में सामने आया कि वह भोजन में मांस, लेग पीस, चेस्ट, रांग का गोश्त, हड्डी वाला मांस, नल्ली निहारी, दो प्याज़ा, कीमा कलेजी, भुना, भेजा, पाया जैसी तस्वीरे शिवराज की थाली में नज़र आई जिसके बाद से विवाद खुद-ब-खुद बौखला गया और मीडिया के सवालों की शक्ल में उभर कर सामने आने लगा जबकि शिवराज के द्वारा नॉन-वेज से परहेज़ करने के कई स्थानों पर दावे ठोके जा चुके हैं परंतू इस तस्वीर की सच्चाई को परखने पर उतरी मीडिया को एक टुक मूहँ की तब खानी पड़ी जब शिवराज की जगह उनकी सफाई में शासकीय अधिकारी एस.के मिश्रा द्वारा बचाव कर शिवराज के शाकाहारी होने का दावा ठोका गया परंतु एस.के मिश्रा की बात को अशरफ देवगन द्वारा सिरे से झुठलाकर दांवा ठोका गया हैं कि शिवराज मांस खाने के इतने बड़े हैं habitual हैं कि वह आसमान में उड़ते हुए ही नहीं बल्कि जमीन के साथ साथ कई देशों के अंदर भी शिवराज ने मांस मदिरा का हलक तक उपयोग किया है। यह दावा अशरफ देवगन द्वारा सोशल मीडिया पर ठोका जा चुका है अब इस मामले की सत्यता की तह तक अगर कोई पहुंचना भी चाहे तो तब तक सूबे के चुनाव हो चुके होंगे या यह हो सकता है कि मध्यप्रदेश के वज़ीर की जगह कोई और लेले। जो भी हो इस बार के चुनाव में नेताओ के वादों से दो कदम आगे जनता सोच रही हैं और मीडिया मनघड़ंत सभी पार्टियों के करीबियों के लिए कहानी भी जड़ रही हैं। अब देखते हैं आगे आगे होता हैं क्या?

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