*क्या लोकसभा चुनाव में कल्याण के बाद म.प्र.की EVM मशीनों को भी है ख़तरा?*

-अनम इब्राहिम-

“`आख़िर मुम्बई की क़दीमी बंदरगाह कल्याण लोकसभा चुनावी सीट के मतदान केन्द्रों से मतदान के बाद अचानक 323 EVM मशीनों का 24 घण्टे तक ग़ायब हो जाना इस बार के चुनाव आयोग निर्वाचन द्वारा किए गए ख़स्ता इन्तेज़ामों की पोलखोल कर रख दे रहा है !!“`

*जनसम्पर्क-life*

देश भर के भीतर अलग अलग टुकड़ों में चुनावी चरखा चलाने के बाद भी भारतीय निर्वाचन आयोग का इन्तेज़ामिया लिबाज़ इस बार भी लाचारियों की फ़टी आस्तीन से असुविधाओं की नंगी चमड़ी दिखा रहा है। महाराष्ट्र के 48 लोकसभा निर्वाचन चुनावी मैदानों से एक कल्याण लोकसभा है जहां इस बार मतदान के बाद 24 घण्टे तक 323 EVM मशीनें ग़ायब हो गईं जिसकी भनक लगते ही सभी राजनीतिक पार्टियों के होश उड़ गएै सोमवार अंधेरा होते ही जब मतदान केंद्रों से EVM मशीनों की गिनती का सिलसिला शुरू हुआ तो 323 ईवीएम नदारद पायी गईं। कल्याण लोकसभा सीट पर सोमवार को हुए मतदान के बाद सभी ईवीएम और संबंधित सामग्री को डोम्बिवली के सावित्रीबाई फुले थिएटर के भीतर बने स्ट्रांग रूम में उसी रात जमा करवाना चाहिए था, परन्तु ऐसा हुआ ही नहीं। लिहाज़ा इस बात पर शिवसेना ने आपत्ति जताई है।

गौर-ए-तलब है कि शिवसेना पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे डॉक्टर श्रीकांत शिंदे भी यहां से चुनाव लड़े हैं। EVM के ग़ायब होने के बाद कई पार्टी के नेता ईवीएम के हिसाब में कमी की शिकायत को लेकर चुनाव अधिकारी के पास पहुंचे थे। परन्तु उन्हें वहां से उचित जवाब की जगह उदासी हाथ लगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल लांडगे ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि आयोग के प्रतिनिधि उन्हें सही सूचना नहीं दे रहें। बहरहाल देर सवेर ही सही 24 घंटे की उलझन के बाद आखिरकार मामला सुलझ गया, जब सारी ईवीएम सुरक्षित तय जगह पहुंच गईं। चुनाव अधिकारी शिवाजी कादबने ने मीडिया को बताया कि सभी ईवीएम उसी जगह पर थी जहां उन्हें तैनात किया गया था। प्रक्रिया में देरी लगने के कारण वे समय पर स्ट्रांग रूम में जमा नहीं की जा सकी। हालांकि, राजनीतिक दल चुनाव आयोग के इस तर्क को सिरे से स्वीकार करते नहीं दिख रहे। मतदान के 24 घंटे बाद तक ईवीएम और संबंधित सामग्री का स्ट्रांग रूम में जमा न होना पाना देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है।

इस हादसे से चुनाव आयोग को इबरत हासिल करना चाहिए जहां जहां चुनाव अभी नहीं हुए हैं वहां के सुरक्षा इन्तेज़ामों का दायरा मज़बूत करना चाहिए आम आदमी का अधिकार आम आदमी का वोट हर हाल में मेहफ़ूज़ रखने के लिए EVM को हर हाल में सावर्जनिक सुरक्षा के साये में रखना चाहिए। मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं के लिए और बेहतर व्यवस्थाएं करनी चाहिए। अफ़सोस उस मतदाता के मत पर नहीं होता जो मत डालने नहीं आया अफ़सोस उस मतदाता के मत का है जो मतदान केंद्र तक तो पहुंचा लेकिन कागज़ों की मामूली कमी के चलते उसे मत देने के लिए मना कर दिया जाता है। चुनाव आयोग को ऐसे मतदाताओं के लिए बेहतर इंतेज़ाम करना चाहिए जिससे कि देश में सरकार बनाने के लिए वोट देने आने वाला हर भारतीय साधारण वजह से बिना वोट करे वापस ना जा सके।

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