कैदखाने में कैद चूनावी पेटियों से शरारत के इल्ज़ामो में घिरा ज़िला प्रशासन!!!

अनम इब्राहिम

अब मध्यप्रदेश भोपाल कि पुरानी जेल पर टिकी देशभर की निगाहें!!

कलेक्टर और ADM पर गिर सकती है कभी भी गाज!!

जनसम्पर्कLife

मध्यप्रदेश: भोपाल; लगभग तीन दशक पहले तक चुनावी दौर में अक़्सर मतदान के दौरान मतदान केंद्रों के भीतर अचानक काले-पीले गुंडों से भरी हुई खुले हूटर की जीप, कार तेज़ गति से घुस जाया करती थी जिसके बाद पोलिंग बूथ पूरा की पूरा उड़ती हुई धूल मिट्टी कि चपेट में धुंधला हो जाता था और यह सब नज़ारा मतदाता ख़ौफ़ज़दा होकर खुद ख़ामोश अपनी आंखों से देखता था की चन्द गुंडे लाठी तलवारो बन्दूको के बल पर पोलिंग बूथ से उनके मत लूट ले जा रहे हैं लेकिन अफ़सोस आज के इस दौर में भी ईमानदारी से वोट देने वाले मतदाताओं के दिल में अपने मत की हिफाज़त के लिए सेकड़ो सवाल खड़े होते है। हैरत की बात है कि आज जहां प्रचलित माध्यमों की वजह से चीज़ों की शक्ले बदल गई जिसने मतदाताओ का नज़रिया भी बदल डाला। आज उन पोलिंग बूथ लूटने वाले डकैतों की जगह मतदाताओं को ज़िला प्रशासन के कलेक्टर और ADM के चेहरे नज़र आ रहे हैं। जी हां, इस बार भले ही निर्वाचन ने मध्यप्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में सफलतापूर्वक मतदान करवाने का वादा ठोका हो लेकिन भोपाल कि पुराने जेल में हुई बिजली गुल ने तमाम वादों को खोखला साबित कर दिया जिसके चलते खुले तौर पर मतदाता भोपाल कलेक्टर और ADM को कसूरवार ठहरा रहे है। साथ ही निर्वाचन अधिकारी व्ही. एल. कान्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता भी सोशल मीडिया पर कलेक्टर और ADM को जुम्मेदार मान रहे है। हो सकता है जल्द ही दोनों पर कार्यवाही की कुल्हाड़ी चल जाए!

क्या सच मे कैदखाने में कैद EVM मशीनों से हुई है छेड़छाड़??

आख़िर बीजेपी के कार्यकर्ताओं को मत से छेड़छाड़ होने का ख़ौफ़ क्यों नही है??

क्या है आख़िर EVM और बीजेपी का रिशता??

कौन है आख़िर शासकीय चोले में छुपे शरारतकर्ता???
ट्विटर पर निर्वाचन अधिकारी पर उठती हुई उंगलियां किस की है???

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