कुसमारिया ने भाजपा के साथ की गद्दारी: गहलोत

रतलाम। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया ने दो दिन पहले भाजपा छोडक़र कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी में भोपाल में आयोजित किसान आभार सम्मेलन में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की और पार्टी पर वरिष्ठ नेताओं को अपमानित करने का आरोप लगाया। इस मामले में भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता जहां कुसमारिया का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ नेता उनके इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। इस मामले में को केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुसमारिया ने भाजपा के साथ गद्दारी की है और इसका नुकसान उन्हें भुगतना पड़ेगा।

बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा के चुनावों में भाजपा द्वारा रामकृष्ण कुसमारिया को टिकट नहीं दिया गया था, इसलिए वे पार्टी से बगावत कर दमोह की दो विधानसभाओं से निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन दोनों जगह से हार गए। इसके बाद उन्होंने गत शुक्रवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान में हुई राहुल गांधी की सभा में कांग्रेस की सदस्यता ले ली। इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने उनका समर्थन किया था। वहीं, शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रही कुसुम मेहदेले ने कुसमारिया के फैसले को गलत बताया था।

अब रतलाम में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने भी कुसमारिया के इस कदम को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है, लेकिन उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर भाजपा के साथ गद्दारी की है। अब उन्हें इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री गेहलोत ने रेलवे मजदूर संघ और कर्मचारी परिषद के सम्मेलन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अपनी इच्छा व्यक्त करना सबका अधिकार है, लेकिन इच्छा पूरी नहीं होने पर पार्टी से विश्वासघात नहीं करना चाहिए। पार्टी ने उन्हें सम्मान दिया। पार्टी ने उन्हें विधायक, सांसद और मंत्री तक बनाय, लेकिन अब जिसे जहां जाना चाहिए था, वो वहां चला गया। यह विनाशकाले विपरीत बुद्धि का परिचायक है। बता दें कि भाजपा में रहते हुए रामकृष्ण कुसमारिया ने दमोह जिले का प्रतिनिधित्व किया और इस क्षेत्र से वे तीन बार विधायक, पांच बार सांसद रहे हैं।

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