किसान समृद्धि कार्यक्रम का शुभारंभ, गोविंद सिंह बोले-प्रौद्योगिकी क्रांति ने अर्थ-व्यवस्था को नई परिभाषा दी

भोपाल। राज्य की विपणन सहकारी संस्थाओं के आर्थिक सशक्तिकरण व व्यवसायिक उन्नयन के उद्देश्य से आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला ‘किसान समृद्धि कार्यक्रम’ का प्रदेश के सहकारिता, सामान्य प्रशासन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने शुभारंभ किया। प्रमुख सचिव सहकारिता अजित केसरी और आयुक्त सहकारिता केदार शर्मा विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में कृषि विपणन और व्यापार को संस्थागत रूप से बढ़ावा देने के लिये ” कृषि व्यापार ” मोबाइल एप की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित की प्रबंध संचालक स्वाति मीणा नायक ने बताया कि शाम तक चलने वाली इस कार्यशाला में किसान समृद्धि कार्यक्रम के साथ ही एनसीडीसी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण और विपणन सहकारी संस्थाओं के वित्तीय लिंकेज पर अपेक्स बैंक का प्रस्तुतिकरण होगा। समर्थन मूल्य पर खरीदी के संबंध में सहकारी समितियों के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति ने अर्थ-व्यवस्था के व्यावसायिक समीकरणों को नई परिभाषा दी है। कृषि व्यवसाय में नवीन तकनीक को समाहित करते हुए विपणन संघ द्वारा “किसान समृद्धि कार्यक्रम” की आधारशिला रखी गई है। फसलों के उत्तम बाजार मूल्य प्राप्ति के लिए कृषकों को मोबाइल प्लेटफॉर्म एग्री व्यापार नाम से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से बाजार व्यवस्था से किसानों को जोड़ा जा सकेगा। फसलों का गुणवत्ता आधारित संग्रहण विपणन समितियों के माध्यम से किया जाएगा तथा संघ द्वारा एकीकृत रूप से संग्रहीत फसलों की मार्केटिंग की जाएगी। इससे किसानों की सामूहिक सौदा शक्ति बढ़ेगी तथा देश भर की मंडियों एवं व्यापारियों से बेहतर मूल्य की खोज हो सकेगी।

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