कांग्रेस के प्रभावशाली विधायक आरिफ़ मसूद की जीत से क्यों ख़ौफ़ज़दा हैं कैलाश विजयवर्गीय?

अनम इब्राहिम

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के मध्य भोपाल से बीजेपी के दिग्गज को चुनावी मैदान में पछाड़कर जीत हासिल करने वाले आरिफ़ मसूद से बीजेपी के राष्ट्रीय स्तरीय नेता भी ख़ौफ़ खाते हैं जिसका अंदाज़ा आप कैलाश विजयवर्गीय के बयान से लगा सकते हैं। हाल ही में एक सियासी मंच पर विजयवर्गीय ने मनघडंत भाषणबाज़ी करते हुए कट्टरवाद का ज़हर उगला। विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल मध्य से सुरेंद्र नाथ सिंह हार गए अफसोस इस बात का है कि भारत की गौरक्षक पार्टी के नेता से एक बीफ़ खाने वाला जीत गया। कैलाश विजयवर्गीय बगैर ज्ञान के भले ही कुछ भी कहें लेकिन उन्हें ये जान लेना चाहिए कि आरिफ़ मसूद गाय का गोश्त नहीं खाते बल्कि वो गौरक्षक का क़िरदार निभाते हैं। गौरक्षा के लिए कई बार मसूद ने हस्ताक्षर अभियान चलाया है। साथ ही कई मौक़ों पर गोतस्करों पर तंज भी कसा है। खैर बीजेपी की करारी हार की वजह ही मज़हबी मुद्दे आपसी नफ़रत और कट्टरवाद रही है। अगर वक़्त रहते ये वक़्त है बदलाव का के मंत्र को बीजेपी नहीं भांप पाई तो लाज़मी है कि लोकसभा में नतीज़े नाक़ाबिले बर्दाश्त ही निकलेंगे।

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