कमलानगर रेप कांड: राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते वक्त भाजपा नेता उमाशंकर की छूटी हंसी

भोपाल। शनिवार को कमलानगर इलाके से एक बच्ची गायब हो गई…दूसरे दिन उसकी लाश घर के पास एक नाले में मिली। इस घटना से पूरे भोपाल में सनसनीफेल गई। बच्ची के साथ हत्या से पहले बलात्कार किया गया था। उसके बाद गला घोटकर उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। इस हत्याकांड के बाद से पूरे शहर में गुस्से की लहर है। सभी आरोपी के लिए फांसी की मांग कर रहे हैं। एक तरफ जहां लोगों में आक्रोश है वहीं भाजपा के नेता इस पर राजनीति करने से नहीं चूक रहे। भाजपा रेप की वारदातों को कांग्रेस सरकार और पुलिस की नाकामयाबी बता रही है। भाजपाई बच्चियां को इंसाफ दिलाने के लिए रैलियां निकाल रहे हैं…कैंडिल मार्च निकाल रहे हैं…लेकिन यह बस राजनीति तक सीमित है…बच्ची के साथ घिनौनी वारदात से नेताओं को कितना दुख है इसकी एक तस्वीर सामने आई है।

दरअसल वरिष्ठ भाजपा नेता उमा शंकर गुप्ता जब भाजपा के कई दिग्गजों के साथ राज्यपाल आनंदी बेन को ज्ञापन सौंपने गए। इस दौरान उनके चहरे पर जरा भी चिंता की लकीन नहीं दिखाई दी। बल्कि वह तो फोटो खिंचवाते वक्त खिलखिलाकर हंसते नजर आए। जब पूरा का पूरा भोपाल गमगीन था और भोपाल के साथ पूरा देश उस असहनीय जख्म को महसूस कर रहा था जो एक वहशी बलात्कारी और हत्यारे ने 8 वर्षीय बालिका की आत्मा को दिया था। ऐसे में सभी के चेहरे लटके हुए थे, एक उमाशंकर गुप्ता को छोड़कर। वे अपने सामने राज्यपाल को पाकर शायद उनसे मिलने की खुशी को दबा नहीं पाए और बड़े खुश नजर आए। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद चारों और उमाशंकर की निंदा हो रही है। कोई इंसान इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है जो दुखद मौके पर भी इतना खुश दिखाई दे रहा है। उन्हें दुख हो भी तो कैसे उनके घरों के बच्चे तो हाई सिक्योरिटी के बीच सुरक्षित हैं इसलिए उन्हें दूसरे के बच्चों का दर्द समझ ही नहीं आता। तुलसीदास की एक कहावत है…जो उमाशंकर पर बिल्कुल फिट बैठती है।

न जाके पांव न फटी बिवाई।
वो क्या जाने पीर पराई।।
अर्थात् जब तक खुद को दर्द ना हो तब तक दूसरे के दर्द का एहसास नहीं हो पाता है।

कांग्रेस ने उमाशंकर को आड़े हाथों लिया है…एक कार्यकर्ता जीतू अग्रवाल ने कहा है कि राजभवन क्या शादी का कार्ड देने पहुंचे थे जो इतना मुस्कुरा रहे हो। कांग्रेस नेता योगेश सारठे ने गुप्ता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मौके पर भी भाजपा राजनीति चमकाने पर लगी है…कुछ तो शर्म करो।

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