कमलानगर: बच्ची के दुष्कर्मी और हत्यारे को फांसी की सजा…लेकिन अब भी कई पीड़िताएं इंसाफ के इंतेजार में

भोपाल। राजधानी भोपाल के कमला नगर इलाके में 9 जून को एक 8 साल की बच्ची का शव नाले में मिला था। पीएम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद बच्ची का गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई थी। बच्ची के साथ दरिंदगी और बेरहमी से हत्या के मामले में पूरा भोपाल आक्रोषित था। पूरा शहर आरोपी को फांसी की सजा की मांग कर रहा था। इस मामले में आरोपी विष्णू बामोरे को कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी है। विशेष न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने आरोपी को सजा-ए-मौत की सजा का ऐलान किया।

यह था मामला

8 साल की बच्ची मंडवा झुग्गी बस्ती नेहरू नगर में रहती थी। 8 जुलाई को रात 8 बजे घर के पास दुकान पर सामान लेने गई थी। जब वह काफी देर तक नहीं लौटी तो परिजन ने तलाश शुरू की। काफी देर तक बच्ची के नहीं मिलने पर परिजन थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज करने से मना कर दिया और वहां से भगा दिया। दूसरे दिन नाले में बच्ची की लाश मिली थी। पीएम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात सामने आई थी। जब इस मामले ने तूल पकड़ा तब कहीं जाकर पूलिस ने आरोपी विष्णू बामोरे को खंडवा से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 17 जून को कोर्ट में चालान पेश किया था। 19 जून को कोर्ट में आरोप तय हुए थे।

आज गुरूवार को इस बलात्कार और हत्याकांड पर फैसला आना था। परिजनों ने आरोपी के लिए फांसी की मांग की थी। सबको इंतेजार था कि आरोपी को कोर्ट क्या सजा देगा फांसी या उम्र कैद। कोर्ट परिसर में आरोपी पर हमले की आशंका को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। परिसर के बाहर बच्ची के परिजन और तमाम लोग मौजूद रहे। कोर्ट ने आरोपी विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और उसके बाद हत्या की धाराओं में दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी को 363, 366, 376, 377 302 और 201 धाराओं में दोषी माना है। इसके बाद आरोपी को फांसी की सजा का ऐलान कर दिया।

इस मामले में पीड़ित मृतका को इंसाफ मिल गया। लेकिन प्रदेश में ऐसी बहुत सी बच्चियां हैं जो अब तक इंसाफ के लिए भटक रही हैं। दुष्कर्म की घटनाएं जितनी चौंकाने वाली हैं, उससे कहीं ज्यादा बेचैन करने वाली हैं इन बच्चियों और उनके परिजनों द्वारा बताई गई हकीकत। कई पीड़िताओं और उनके परिजनों ने बताया कि कैसे वह सालों से इंसाफ के लिए भटक रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। बच्चियों की जिंदगी बर्बाद करने वाले आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। 1 मई 2019 को मनुआभान टेकरी पर 12 साल की लड़की की दुष्कर्म और उसके बाद हत्या कर दी गई थी। उस वक्त लोकसभा चुनाव का प्रचार जोरों शोरों से था…नेताओं ने जल्द से जल्द पीड़िता को इंसाफ दिलाने का वादा किया था लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इस मामले में अब तक चालान पेश नहीं हो सका है। एक फांसी की सजा मिल जाने के बाद क्या गारंटी है कि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा…क्या अब प्रदेश में बच्चियों के साथ दुष्कर्म नहीं होगें।

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