*कमलनाथ के लिए शासकीय इलाज़गाह में शाही इंतेज़ाम! जहां ग़रीबों का होता है अक्सर इलाज़ हराम!!*

अनम इब्राहिम
7771851163

*मध्यप्रदेश भोपाल:* नवाब हमीदुल्लाह खान साहब के नाम से निर्धनों के लिए बने हमीदिया चिकित्सालय में वैसे तो प्रदेशभर से कई मरीज अपने मर्ज़ से निजात पाने की आस लिए आते हैं लेकिन निर्धन मुफ़्लिसों ज़रूरतमन्दोंं को यहां राहत तो ऊंट के मुंह में ज़ीरा समान नसीब होती है लेकिन मरीज़ व उसके परिजनों को यहां असुविधाओं की मज़बूत दीवारों से पलपल में टकराना पड़ता है। खेर आज यहां सूबे के वज़ीर-ए-आला कमलनाथ पहुंचे हैं। उनके हाथ की उंगली में हल्की सी गठान क्या पड़ गई तमाम सुविधाओं का मानों जैसे अंबार लग गया शासकीय चिकत्सालय का कमरा 5 स्टार होटल से भी ज़्यादा हाईटेक हो गया। साफ—सफाई के साथ नई बेटशीट, नया ब्लेंकेट, नए तकिए ऐसी व बड़े—बड़े डॉक्टर उपचार के शाही इन्तेज़ामों के साथ नाथ की उंगली के इर्दगिर्द इलाज़िया पहरा देते नजर आए।

अब सवाल ये उठता है कि एक और जहां नाथ के मामूली मर्ज़ के लिए यहां सहूलियतों का सैलाब आ गया तो वहीं हर रोज हज़ारों निर्धन मरीज़ इसी इलाजगाह में असुविधाओं के शिकार होते रहते हैं मंहगी—मंहगी बहार की दवा-गोली उस पर स्टॉप के नुमाइंदों की बत्तमीजी उस पर देर रात शराबी डॉक्टरों के हाथों से मरीज व उसके परिजनों की पिटाई देखकर ऐसा लगता है साला जैसे ग़रीबों के लिए ये दवाखाना सजाखाना बन गया हो। आए दिन असुविधाओं के जलते कई निर्धन यहां दम तोड़ते चले जा रहे हैं नाजाने ऐसे कितने लाखों लोग थे इस प्रदेश में जिन्हें यहां बचाया जा सकता लेकिन उनके वक़्त से पहले मरने के बोझ को सूबे के कई क़ब्रस्तान व शमशानघाट झेल रहे है। बहरहाल लोगों की नज़रों में खुद को महान दर्शाने वाले दिखावे के देवता कमलनाथ को तब ही हमदर्द, हमप्रदेश, हमदम माना जा सकता है तब वो यहां के हर मरीज़ को ऐसी ही सुविधाएं दिलवाएं जैसी उनके मामूली मर्ज़ के लिए मुहैया करवाई गई है।

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