‘कड़कनाथ मुर्गा’ बढ़ाएगा टीम इंडिया की फिटनेस

झाबुआ। औषधीय गुण, सबसे कम फैट, चटखदार काले रंग, हमेशा याद रहने वाले लजीज स्वाद आदि के लिए पहचाने जाने वाले कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गों की डिमांड इन दिनों काफी बढ़ गई है। कड़कनाथ चिकन की एक ऐसी वैरायटी है जिसका गोश्त खाने से आपको फायदा ही फायदा होगा होता है। कड़कनाथ कल तक लोगों की मुह में पानी लाता था, अब वहीं कड़कनाथ टीम इंडिया की क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस का कारण बनेगा। का कारण बनेगा। दरअसल टीम इंडिया और उसके कैप्टन विराट कोहली को अपनी रेग्युलर डाइट मे कडकनाथ चिकन खाने की सलाह दी गयी है। जिसके लिए बकायदा विराट कोहली और बीसीसीआई को ट्वीट करने के साथ साथ चिट्ठी भी लिखी गई है यानि अब झाबुआ का कड़कनाथ बढ़ाएगा टीम इंडिया की फिटनेस।

क्रिकेट की दुनिया में अपनी धुंआधार पारियों से देश का नाम रोशन करने वाले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली जल्द ही अपनी डाइट में झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे को शामिल कर सकते हैं। इसके लिए कड़कनाथ रिसर्च सेंटर और कृषि विज्ञान केंद्र ने अपने ऑफिशियल लेटर पैड पर बीसीसीआई और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए विज्ञान केंद्र ने कड़कनाथ मुर्गे को भारतीय क्रिकेट टीम की नियमित डाइट में शामिल करने की सलाह दी है। दरअसल कड़कनाथ मुर्गे में फैट और कोलेस्ट्रॉल कम होना है। जबकि, प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है.इसी वजह से ये सलाह दी गई है।

बताया जा रहा है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और टीम इंडिया के कुछ सदस्य खाने में ग्रिल्ड चिकन ले रहे थे। लेकिन ज्यादा कोलेस्ट्रॉल और फैट होने की वजह से उन्होने इसे खाना बंद कर दिया है। जिसके बाद कृषि विज्ञान केंद्र ने खिलाड़ियों को कड़कनाथ मुर्गा खाने की सलाह दी है।

झाबुआ के अलावा कुछ अन्य जिलों में कड़कनाथ की नस्ल पाई जाती है। इस प्रजाति की खासियत है कि इसके मांस में फैट कम होता है और प्रोटीन ज्यादा। कड़कनाथ के मांस में 25 से 27 प्रतिशत प्रोटीन होता है। जबकि अन्य मुर्गों में केवल 16 से 17 प्रतिशत ही प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा, कड़कनाथ में लगभग एक प्रतिशत चर्बी होती है। जबकि अन्य मुर्गों में 15 से 25 प्रतिशत चर्बी रहती है। कड़कनाथ 500 रुपए से लेकर 1500 रुपए किलो तक बिकता है. विज्ञान केंद्र के मुताबिक कड़कनाथ खिलाड़ी और लगातार मेहनत करने वालों के लिए काफी अच्छा है।

कड़कनाथ की खासियत

विज्ञान केंद्र ने तो खिलाड़ियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए कड़कनाथ खाने की सलाह दे डाली है। ऐसे में अगर बीसीसीआइ और कप्तान कोहली इस पर विचार करते हैं तो झाबुआ के कड़कनाथ की ख्याति और बढ़ेगी। कड़कनाथ मुर्गा के मांस में 25 से 27 प्रतिशत प्रोटीन होता है जबकि अन्य मुर्गे के मांस में 16 से 17 प्रतिशत होता है वहीं कड़कनाथ मुर्गा के मांस में एक प्रतिशत चर्बी जबकि अन्य मुर्गे के मांस में 15 से 25 प्रतिशत चर्बी होती है।

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