औज़ार-कार की पूजापाठ के बाद, क्या मुख्यमंत्री विजयदशमी पर प्रदेश को देंगे कोई सौगात?!!!

जनसम्पर्क -life

Anam Ibrahim

मध्यप्रदेश: विजयदशमी के मौक़े पर रावण के राज का अंत और रामराज की शुरुआत का सिलसिला सदियों से त्योहारों की शक़्ल में हम भारतीय बड़ी श्रद्धा से बनाते आए हैं, लाज़मी है असत्य की हार और सत्य की जीत के इस दिवस पर जहां प्रदेश भर के हतियारधारक शस्त्र पूजा की परस्तीत कर भंडारे व लंगर की शक़्ल में सभी जाने-अनजाने लोगो को खाना परोस मोहब्बत, प्रेम एकता के पुल तैयार करते हैं, हमदर्दी, दया का दिया जला देते है तो लाज़मी है कि
सूबे का वज़ीर मुख्यमंत्री इस दिन आफ्टर पूजा प्रदेशभर के लिए अपनी औकात के हिसाब से दया का दरिया बहा सकता था लेकिन आज कमलनाथ ने पहले शस्त्र पूजा अपने सुरक्षा के लश्कर के साथ बैठकर की लेकिन पूजा के बाद सुरक्षाकर्मियों को कुछ नही दिया फिर वाहन पूजा की परन्तु वाहन चालकों को कुछ नही दिया। अरे कमलनाथ कम-से-कम पुजारी को ही 10 से 20 लाख रक़म दे देते तो कमसकम उंगली कटवाकर शहीदों में नाम लिखवाने का मौका मिल जाता!!

पढ़िए जल्द ही प्रदेश की हक़ीकत में मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ (अली बाबा) व उसके चालीस चोर मंत्रियों ने त्योहारों के मौक़े पर प्रदेश की जनता को क्या दिया ? और क्या लिया??

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