ए गुरु तेरा ज्ञान गुमराही की खाई से हर बार उभरता चला गया!

अनम इब्राहिम

5′ सितम्बर, 2019
7771851163

ए शिक्षक तेरी दी हुई इल्म की रौशनी पर, बस चलता गया!!

ज़ाहिल का ज़माने से जनाज़ा उठाता चला गया!
सीखा जो सबक तुझसे वो सबको सिखाता चला गया !!

ज्ञान के गुणों का भरा हुआ कुआं तू, क्यों मुझको परोसा गया!
मैं बचपन गवार कहीं का तेरी पाठशाला में ज्ञान का प्याला पी गया!!

ज़हन में बोया था तूने जो पौदा ज्ञान का!
वो उम्र के साथ दरख़्त बनता चला गया!!

बुरी लगती थी वो जो फ़टकार तुम्हारी!
उसे नसीहत बना कितनो को दे गया!!

कोरा कागज़ सा जीवन तेरा सबक़ उतारता चला गया!!
इल्म की इनायत करने वाले गुरु ज्ञानी तेरा शुक्रिया!!

तूने ही उतारी कलम पट्टी से पेन कॉपी तक में दुनियादारी !
ए मास्टर मेरे उस्ताद-ए-स्कूलदारी तेरा शुक्रिया !!

गुरु मिले, मिला फिर ज्ञान तब जाकर जाना है कि मैं हूं इंसान
आँख से डराती रुबीना मैम, छड़ी हवा में चलाकर डराते शर्मा सर और मुर्गा बनाने वाले मुकेश सर और हथेली पर छड़ी बरसाने वाले बाशिद हफ़ीज़ जी को छोड़कर शिक्षक दिवस की सभी शिक्षको को शुभकामनाएं 💐💐

Happy Teacher’s Day To all the Teachers

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