आलाकमान का दिग्विजय सिंह और मंत्री उमंग सिंगार को बुलावा, पेश किए अपने पक्ष

भोपाल: कांग्रेस की केंद्रीय अनुशासन समिति ने दोनों मंत्रियों उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को आपस में छिड़ी जंग के बाद तलब किया था।  राज्य कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि दिग्विजय और सिंघार दोनों ने हाल ही में नई दिल्ली में अनुशासन समिति के सदस्यों से मुलाकात की। हालांकि इस खबर पर सिंघार ने इनकार करते हुए बताया कि उनको केंद्र से कोई बुलावा नहीं आया था ना वो गए।
सिंगार में बताया कि “मुझे अनुशासनात्मक समिति से कोई फोन कॉल नहीं मिला है। अगर वे मुझे बुलाते हैं, तो ही मैं कमेटी के सदस्यों के सामने खुद को अवश्य ही निश्चित रूप से पेश करूँगा।”
10 सितंबर को, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर उमंग सिंघार के लगातार हमलों को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी केंद्रीय अनुशासन समिति द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता में जांच का आदेश दिया था। पार्टी के सूत्रों ने बताया हैं कि पहले दिग्विजय सिंह नई दिल्ली गए और इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की हालांकि सिंघार ने अनुशासनात्मक समिति के समक्ष अपनी उपस्थिति से इनकार किया लेकिन विश्वसनीय सूत्रों ने कहा कि वह शनिवार को नई दिल्ली में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए गए थे। इससे पहले मंत्री उमंग सिंघार ने AICC अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया गया था कि दिग्विजय सिंह राज्य सरकार को परदे के पीछे से चला रहे हैं। उन्होंने दिग्विजय पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खुद को प्रदेश में शक्ति-केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।  दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर कहते हुए उमंग सिंगार ने उन अवैध रेत खनन और शराब की बिक्री का अवैध कारोबार संचालित करने का आरोप लगाया था।

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