आईआईटी कैम्पस के छात्र ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखी दर्दभरी बात

हैदराबाद। देश में आए दिन छात्रों के फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले सामने आते रहते हैं। अच्छी पढ़ाई के बाद भी नौकरी न मिलने का तनाव अकसर कुछ लोग झेल नहीं पाते और अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। आत्महत्या का एक मामला फिर सामने आया है। हैदराबाद आईआईटी कैम्पस में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे वाराणसी के एक छात्र ने अच्छे ग्रेड न आने तथा नौकरी नहीं मिलने के कारण तनाव में आत्महत्या कर लिया। मार्क एंड्रयू चार्ल्स नाम के इस छात्र के हास्टल के कमरे में से आठ पेज का एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने लिखा, ‘मेरे पास नौकरी नहीं, संभवत: मिलेगी भी नहीं, मैं अपने ग्रेड शीट को देखता हूं तो आश्चर्य होता है। …यह एक अलफाबेट चार्ट जैसा नजर आता है।’

मार्क डिजाइन एंड्रयू चार्ल्स वाराणसी उत्तरप्रदेश का रहने वाला था। वह हैदराबाद स्थित आईआईटी कैम्पस से मास्टर की डिग्री कर रहा था। हाल ही में उसने दूसरे साल की परीक्षा दी थी, पांच जुलाई को उसे अपना फाइनल प्रजेंटेशन देना था। अपने माता पिता तथा दोस्तों को संबोधित सुसाइडनोट में उसने लिखा है कि, औरों की तरह मेरे कोई सपने नहीं हैं, लेकिन अब सब ठीक है। सब कुछ खाली खाली है, सब कुछ सकारात्मक, लगातार मुस्कराना, लोगों से यह कहना कि मैं बिल्कुल ठीक हूं।

आत्महत्या करने से पहले उसने जो सुसाइड नोट लिखा उसमें उसने परिजनों से माफी मांगते हुए कहा कि मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। ‘दो साल से घर से दूर हूं, एक बेहतरीन संस्थान में, बेहतरीन लोगों के साथ, लेकिन यह सब बेकार रहा।’ मार्क ने अपने पत्र में माता पिता से अनुरोध किया है उसके शरीर का अंतिम संस्कार करने की जगह उसे मेडिकल कॉलेज को दान कर दें। कम से कम मेरी लाश देश के भावी डॉक्टरों के काम तो आएगी। मार्क सुसाइड नोट में अपने दोस्तों माफी मांगते हुए लिखा कि पिछला दो महीना उसके जीवन का सबसे अच्छा समय रहा।

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