अस्पताल के आकस्मिक निरीक्षण में अव्यवस्थाएं देख हुए नाराज श्रम मंत्री, एक निलंबित

भोपाल। शहर के सोनागिरी क्षेत्र में संचालित कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं की पोल आकस्मिक निरीक्षण में खुल गई। श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने गंदगी व अन्य अव्यवस्थाओं को देखकर नाराजगी जाहिर की। जी हां आज श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने बीमा चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने एक कर्मचारी को निलंबित करने और एक चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

श्रम मंत्री सिसोदिया ने कहा कि संगठित क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों के लिए प्रदेश में राज्य बीमा कर्मचारी निगम द्वारा संचालित सभी चिकित्सालयों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान 2 करोड़ 8 लाख रुपये लागत के रिनोवेशन कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। सिसोदिया ने निर्देश दिये कि सभी वार्डों में दरवाजों और खिड़कियों पर मच्छर जाली आवश्यक रूप से लगाई जाये। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में वाटर कूलर लगाने और चिकित्सालय में बंद बड़ी सोनोग्राफी मशीन चालू कराने के लिये शीघ्र ही रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करने के निर्देश दिये। चिकित्सालय की अधीक्षक डॉक्टर सत्यवती हेमान्द्री को वार्ड बॉय और अन्य रिक्त पदों की डिमांड भेजने के निर्देश दिये।

श्रम मंत्री ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय के ओपीडी, स्टोर रूम, कीचिन शेड, सर्जिकल वार्ड, नेत्र चिकित्सा वार्ड, महिला वार्ड आदि का भ्रमण किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से चिकित्सालय की व्यवस्थाओं और इलाज के विषय में चर्चा की। श्रम मंत्री ने रसोईघर में अव्यवस्थायें मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए रसोईघर इंचार्ज विनीत विल्सन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा इंचार्ज चिकित्सक डॉ. सी.एम. केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों को रिनोवेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने और आगामी दस दिनों में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

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