अजूबा: दो महिने बाद कब्र से निकाला तो मुस्कुरा रहे थे बौद्ध भिक्षु

इंटरनेश्नल डेस्क। इंसान दुनिया में पैदा होता है तो उसकी मौत भी निश्चित है। मौत के बाद इंसान की रूह निकल जाती है और इंसान को बेजान छोड़कर चली जाती है। मजहब के मुताबिक उसके शव को दफना दिया जाता है या जला दिया जाता है। और जैसा की हम सभी जानते हैं कि मौत के कुछ दिन बाद कब्र में शरीर गल जाता है। बचती है तो बस हडिड़यां जो कंकाल बन जाती हैं। लेकिन सालों बाद हड्डिया भी गल जाती है। अगर आपसे यह कहा जाए कि मौत के दो महिने बाद किसी का दफनाया हुआ शव बिलकुल वैसेे ही मिले जैसे दफनाने के वक्त था। तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन यह सच हुआ है थाइलैंड में जहां एक बैद्ध संत का शव उनके निधन के दो महीने बाद भी वैसा ही मिला जैसा उन्हें दफनाया गया था।

मूल रूप से कंबोडिया निवासी बौद्ध भिक्षु लुआंग फोर पियान की 16 नवंबर, 2017 को थाईलैंड की राजधानी बैंकाक के एक अस्पताल में बीमारी के बाद मृत्यु हो गई थी। पियान ने अपना अधिकांश समय लुपबरी के केंद्रीय थाई प्रांत में एक बौद्ध गुरु के रूप में बिताया और मृत्यु के बाद भी अंतिम संस्कार के लिए उनके शव को वहीं ले जाया गया था।

दो माह बीत जाने के बाद यानी जनवरी, 2018 के दूसरे पखवाड़े में जब उनके शव को स्वच्छ करने और नए कपड़े पहनाने के लिए ताबूत से बाहर निकाला गया तो उनके अनुयायी ये जानकार हतप्रभ हो गए कि उनका शरीर अब तक भी क्षय नहीं हुआ था और पियान अब भी मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे थे।

उनके अनुयायियों ने इस अविश्वसनीय पल की तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर साझा कर दीं। मृत्यु के दो महीने बाद भी उनके शरीर की वही स्थिति थी जैसी किसी एक-दो दिन पहले ही मृत हुए व्यक्ति की होती है। पीन के इस शांत शरीर और मुस्कुराते हुए चेहरे को देखकर कहा जा रहा है कि उन्होंने ‘मोक्ष’ प्राप्त कर लिया था।

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